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Archive for July, 2008

दर्द का वादा”

जिंदगी का ना जाने मुझसे और तकाजा क्या है ,
इसके दामन से मेरे दर्द का और वादा क्या है ????
एहसान तेरा है की दुःख दर्द का सैलाब दिया ,
मेरी आँखों को तुने आंसुओं से तार दिया..
एक बार भी न समझा मुझे भाता क्या है?????
छीन कर बैठ गयी मेरी मोहब्बत को कभी,
जब भी मिली [...]

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“बहाने से ही आ ”

 
 
 
 
 
 
“बहाने से ही आ ”
मेरी मोह्हब्ब्त का सिला मुझको मिले कुछ ऐसे ,
तुझे पाने की तम्मना मैं जीना दुशवार हो जाए ,
आज तू मुझे खाक मे मिलाने के बहाने से ही आ .
तेरी यादों का पहरा मेरी धड़कन पे अब ना रहे ,
मेरे हाथों से तेरा दामन भी कुछ छुट जाए [...]

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“प्यार बेपनाह “

ज़िंदगी भर गुनाह करते रहे
हम जो उनसे निबाह करते रहेबेवफाई की चोट खाई थी
जिन्दिगी को तबाह करते रहेकौन था रास्ता जो दिखलाता
हम अंधेरों में राह करते रहे
तुमको दुल्हन बना के ख्वाबों में
रोज़ तुमसे निकाह करते रहे
जानी मालूम है की हम तुमसे
प्यार थे बेपनाह करते रहे

 
 

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जिदगी भर यही सोचता रह गया”

मुझसे मुंह मोड़ कर तुम को जाते हुए,
मूक दर्शक बना देखता रह गया ,
क्या मिला था तुम्हें दिल मेरा तोड़ कर,
जिंदगी भर यही सोचता रह गया ???

भूलने के लिये तुमको हम ने जतन,
क्या नहीं हैं किये ए जान-ऐ-मन,
उतने ही याद आये हो तुम रात दिन,
अपनी यादों से मैं जूझता रह [...]

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“तुम्हें पा रहा हूँ”


तुम्हें खो रहा हूँ तुम्हें पा रहा हूँ,
लगातार ख़ुद को मैं समझा रहा हूँ….

ना जाने अचानक कहाँ मिल गयीं तुम,
मैं दिन रात तुमको हे दोहरा रहा हूँ……..

शमा बन के तुम सामने जल रही हो,
मैं परवाना हूँ और जला जा रहा हूँ ….
तुम्हारी जुदाई का ग़म पी रहा हूँ,
युगों से मैं यूँ ही [...]

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आज

जैसे कुछ दिल बदल गया हो आज,
यार ख़ुद से बहल गया हो आज,
तुम अगर सुन नही रहे हो बात,
मेरा दिल क्यूँ मचल गया हो आज ?

क्या पता खत लिख नही पाता,
या नई चाल चल गया हो आज,
क्यूँ ये मौसम भी खुशगवार नही,
हवा का रुख बदल गया हो आज !

एक नशा था उतर नही पाता,
तेरे [...]

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“बात बनाऊं कैसे “

 
 
 
 
 
 
 
 

तुम अगर रूठ गयी हो तो मनाऊं कैसे,
बात जो मुझ से नही बनती बनाऊं कैसे..
इन्हीं फिकरों मैं मेरी रात कटी जाती है,
दिले-ऐ-बरबाद की तन्हाई हटाऊँ कैसे..
वो जो मिलता है सदियों में एक बार मुझे,
उसका हर बार ही इक वार बचौऊँ कैसे…
अपना दिल उसकी मोहब्बत में मैं हार चुका,
नक्श अनमिट हैं अब [...]

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वापस

बड़ी झूमती कविता मेरे आगोश में आयी है,
शायद तेरे साए से यह धूप चुरा लाई है ,
हम तेरे तसव्वुर में दिन रात ही रहते हैं,
कातिल है अदाएं तेरी कातिल ये अंगडाई है

सूरज जो उगा दिल का, दिन मुझमें उतर आया
तुम साथ ही थे लेकिन देखा मेरी परछाईं है,
साथ मेरे रहने है कोई चला आया [...]

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“उस पार मिलूंगा”

 
 
 

 
 
 ”उस पार मिलूंगा”

पग प्रतीक प्रतिबिम्ब रहित हूँ,
उलका के उस पार मिलूंगा……..
मन स्वतंत्र चंचल चितवन हूँ ,
गगन द्वीप जा बैठूंगा….
या फिर उस पथ पर,
जिस पर तुम आओगे …..

प्रेम प्रतीक्षा के प्रसंग में यह पाओगे ,
आशा प्रकाश प्रज्ज्वलित नयन से,
राही भटका —चलता हूँगा

“सोच रहा हूँ………! “

 

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“कैसे करूं”

 
 
 
 
 
 
 
 
“कैसे करूं”
शब्दों मे बयान कैसे करूं , दर्दे दिल का कैसे नीबाह करूं ,
जो अश्क का दरिया जम सा गया , आंखों से उसका कैसे बहा करूं ?????????
ना सुकून मिले , ना चैन कहीं , ना दिन हो मेरा ना रैन कहीं ,
अब दिल को क्या समझाऊं मैं , पल पल की बेचनी कहाँ रफा [...]

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मैं”

कलमों के टूटे ढेर थे मैं छेड़ता रहा,

लफ्जों के हेर फेर ने समझा नहीं मुझे….

कच्ची थी सोंधी ख़ाक में मैं बोलता रहा ,

चाकों के एतबार ने चूप्का किया मुझे…

लौहएमकान का का राज़ था क्यों फाश हो गया ,

कुत्बों के इन्तखाब ने रुसवा किया मुझे … ..

खारे -चमन था लेकिन चुप चाप [...]

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काफी है “

 
वफ़ा का मेरी अब और क्या हसीं इनाम मिले मुझको,
जिन्दगी भर दगाबाजी का सिर पे एक इल्जाम काफी है.
बनके दीवार दुनिया के निशाने खंजर से बचाया था,
होठ सी के नाम को भी राजे दिल मे छुपाया था,
उसी महबूब के हाथों यूं नामे-ऐ -बदनाम काफी है …
यादों मे जागकर जिनकी रात भर [...]

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“दर्द की गहराई में”

“दर्द की गहराई में”

“तुम मेरे साथ चलो”
दर्द की गहराई में ,
वो जो है सामने दिखता
“कोई”
तन्हाई में ,तन बचाता हुआ ,
सिकुडा हुआ ‘डूब” जाता हुआ,
अफसोस में रुसवाई में……….

तुम्हें मालूम है “किसने” था,

किया काम उसका ,

किसको रोता है ,तड़पता ,

दिल -ऐ -नाकाम उसका ,

मुंह छुपाता हुआ , पछताता हुआ ,

क्योंकि अब नाम था [...]

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“तुम ने

“तुम ने मुझे अपनाया है”
” और”
मेरी कायनात को ………….
मेरी खुशी को गम को,
“और”
मेरी हयात को…….
अब तो खुशी से,
जीना भी आसान हो गया ….
“तुम ने”
जो अपना हाथ दिया मेरे हाथ को “………

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टीस
लम्हा लम्हा तेरे साये को सीने से लगाया मैंने,
दिल मे उठी टीस को आज फिर समझाया मैंने.
खाव्ब बन कर मेरी आँखों मे समाने वाले,
तेरे यादों की  टीस से महफिल को सजाया मैंने.  

आंशु ठहरे हैं मेरी पलकों पे शबनम की तरेह,
अश्कों मे बसी टीस को दिल भर के रुलाया मैंने.

कौन कहते है तेरे बगैर सिर्फ़ [...]

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“जरूरी तो है”

“जरूरी तो है”

मुजको मिले तेरा प्यार ये जरूरी तो है,
तेरे दिल पे हो मेरा इख्त्यार ये जरूरी तो है,

दर्द कितना भी सताये है, मुजे पर वो तेरा है,
तेरे गम मे हो मेरा दामन तार तार ये जरूरी तो है.

एक पल तेरे बगैर सोचु भी तो मैं कैसे,
हर घड़ी हो [...]

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“ऐसे ही”

ऐसे ही हम क़रीब नही आ गए होंगे,
रब ने ही यूं तकदीर बनाई हुई होगी…
ऐसे ही हम बाँहों मे समाये नही होंगे,
किस्मत ने वजह ज़रूर कोई पाई हुई होगी…
ऐसे ही हम ने अपनी बीती को बताया नही होगा,
हमदर्द बन के तुम जब तलक नही आयी हुई होगी…
ऐसे ही दिल [...]

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“कर गयी”

तेरी कही एक बात मेरे जिगर में उतर गयी,
एक काम था बचा हुआ वह काम कर गयी…
कब से भटक रहा था मैं सहरा में प्यार के,
शिद्दत की प्यास थी जो वो एक -दम उतर गयी…
तन्हा उदास राहों का मंजर कुछ अजीब था ,
आहट मगर तेरी मेरी जिन्दगी मे छाव कर गई…
कुछ [...]

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“नयी”

“ज़िंदगी” हो तुम्हारे साथ नयी,
दिन नया हो हमारी रात नयी…..

पिछली बातों को भूल जाएँ हम,
जब भी हो बात सारी बात नयी…….

अब न आयें वो दिन गुज़र जो गए,
हर घड़ी हो तुम्हारे साथ नयी……..

हम पुराने रिवाज ठुकरादें,
सारे रिश्तों की सारी जात नयी ……..

आज बिछने दो ज़िंदगी की बिसात,
न शह हो जहाँ ना मात नयी…..

वो जो तुमसे [...]

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“बातें “

तुम से कहनी हज़ार हैं बातें,
लफ्ज़ कुछ, मगर बेशुमार हैं बातें…
तुम जिगर में उतरती जाती हो,
जो लिखी हमने अश्कबार हैं बातें…
अब दूर तुमसे रहा भी नहीं जाता,
फिर वो ही पहलू -ऐ -यार हैं बातें…
राज-ऐ-दिल लिए भटकते हैं तुम बिन,
क्या करें इस कदर बेकरार हैं बातें…

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“यूँही बस

 
तुम मुझ से बोलती रहीं …चुप चाप यूँही बस,
दिल साथ साथ खोलती रहीं …चुप चाप यूँही बस
.
तड़पा दिया है प्यार ने हमदर्द के मुझे,
ज़ख्मों पे हाथ रख दिया … चुप चाप यूँही बस.

क्यों लग रहा है दिल को तुम हो आसपास ही कहीं,
आ जाओ मेरे सामने … चुप चाप यूँही बस.

कुछ तो [...]

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“कर के “

“कर के”
 
तुमने तसल्ली पा ली थोडी देर बात कर के,
मेरी तिशनगी बढा दी, ये ज़रा सा साथ कर के ……..
कभी वह भी दिन आए, तेरे सामने मैं बैठूं,
यूँ ही साथ साथ चलते यूँ, सारी बात कर के ………
हुआ इस कदर नसीब वाला, तेरी अंजुमन में आ के,
मेरे दर्द-ऐ-दास्ताँ को, जगह दी उन्हें [...]

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“अय्याम ने”

“अय्याम ने”
मैं यहाँ बेचैन हूँ तुम वहाँ बेताब हो,
किस जगह लाकर मिलाया है हमें अय्याम ने…
हों कई ऐसे भी जो रहते रहे हो इस तरह,
और रुबाई हो लिखी कोई उमर खय्याम ने…
रात भर जागा किए हैं तेरी यादों के तुफैल,
कितने ख्वाबों को बुना है इस दिले नाकाम ने…
तेरे आने की ख़बर हैं दिल में [...]

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“क्षनीकाएं”
 

“तेरा प्यार”
“एक दर्द ,

एक वेदना ,

एक कसक , तड़प ,
और बेशुमार आंसू “

 
 
“तेरी याद”
” वो लम्हे ,
वो गुजरे पल ,

वो अधूरा स्पर्श,

और एक अंतहीन इंतजार “

 

“तेरा साथ”
ये धुंधला साया ,
ये काली परछाई,
लम्बी तनहाई,

और एक अधूरी आस “
 

 

 
“तेरी वफा “
“वो झूठे वादे ,
वो टूटती कस्मे ,

वो बेवजह इल्जाम ,
और मेरा अँधा विश्वास “

‘तेरा वजूद”

“मेरी [...]

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