“तन्हाई”
“तन्हाई”
“तन्हाई”
“तन्हाई”
काँटों की चुभन सी क्यों है तन्हाई
सीने की दुखन सी क्यों है तन्हाई,
ये नजरें जहाँ तक मुझको ले जांयें ,
हर तरफ बसी क्यों है सूनी सी तन्हाई
इस दिल की अगन पहले क्या कम थी ,
मेरे साथ सुलगने लगती क्यों है तन्हाई
आंसू जो छुपाने लगता हूँ सबसे ,
बेबाक हो रो देती क्यों है [...]


