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Archive for June, 2008

“तन्हाई”

“तन्हाई”

“तन्हाई”

“तन्हाई”

काँटों की चुभन सी क्यों है तन्हाई
सीने की  दुखन  सी  क्यों   है  तन्हाई,
ये  नजरें  जहाँ  तक  मुझको  ले  जांयें ,
हर  तरफ  बसी  क्यों  है  सूनी  सी   तन्हाई
इस  दिल  की  अगन  पहले  क्या  कम  थी ,
मेरे  साथ  सुलगने  लगती  क्यों  है  तन्हाई
आंसू  जो  छुपाने  लगता  हूँ  सबसे ,
बेबाक  हो  रो देती  क्यों   है  [...]

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