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Archive for March, 2008

‘MEHFIL”

“महफिल”
हमने तुम्हें अपनी महफिल मे बुलाया था पिलाने के लिए,
पर तुम चले आए हमे रुलाने के लिए.
हम तुम्हारे आने पर तुम्हें सजदा करते,
तुमने तो मौका ही ना दिए की हम कोई फरियाद करते.
तुम तो किसी और की महफिल से उठकर चले आए,
तुम्हें इस हाल मे देखकर आंखों मे अश्क उतर आए.
हम तो बैठे रहे [...]

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कविता- मोहब्बत न कर
 

मैं सहमा हूँ तो मेरे इखलास से मोहब्बत न कर
यू न बेदर्द हो, मेरे अहसास से मोहब्बत न कर
मैं तेरे पास नहीं तो तेरा सुकूँ तो बरकरार है
तू बेकरार न हो, मेरी याद से मोहब्बत न कर
भूल जा मुझको, दो घड़ी चैन से जी ले हमदम
तू यूँ तड़प के मेरे औसाफ़ से [...]

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“हो जाने दो “

“हो जाने दो ”

ना छुपाओ अपने वजूद को इस जमाने से ,
की ,दुनिया मे ख़ुद की पहचान हो जाने दो.

आईना हूँ , तेरा त्स्सब्बुर नज़र आऊंगा ,
की , मुझे अपने अक्स मे एक बार ढल जाने दो.

मोहब्बत गुनाह ही सही, पर खूबसूरत तो है ,
की , इश्क मे आज अपने बदनाम [...]

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“अच्छा था”
तेरी यादों मे जल जाते तो अच्छा था,
शुबन्म की तरेह पिघल जाते तो अच्छा था.
                                 इन उजालों मे मिलें हैं वो दर्द गहरे,
                                 हम अंधेरों मे बदल जाते तो अच्छा था.
 
मेरी परछाई से भी था शिकवा उनको,
ये चेहरे ही बदल जाते तो अच्छा था
                            क्योँ माँगा था तुजे  उमर भर  के लिए,
                            अपना ही [...]

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“याद किया तुमने या नही”

“याद किया तुमने या नही “

यूँ ही बेवजह किसी से, करते हुए बातें,
यूँ ही पगडंडियो पर सुबह-शाम आते जाते
कभी चलते चलते रुकते, संभलते डगमगाते.
मुझे याद किया तुमने या नही जरा बताओ..
मुझे याद किया तुमने या नही जरा बताओ.
सुलझाते हुए अपनी उलझी हुई लटों क
फैलाते हुए सुबह बिस्तर की सिलवटों को
सुनकर के [...]

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“वो “

“वो “
मेरी कब्र पे दो फूल रोज आकर चढाते हैं वो,
हाय , इस कदर क्यों मुझे तडपते हैं वो.
मेरे हाथों को छुना भी मुनासिब न समझा जिसने,
आज मेरी मजार से लिपट के आंसू बहाते हैं वो.
हाले यार समझ ना सके अब तलक जिनका,
मेरे दिल पे सर रख कर हाले दिल सुनाते हैं वो.
जिक्र [...]

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“DIL” AND “MAIRE APNEE”

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“AAJ PHIR”

 आज फिर”
आज फिर ये दो अखीयाँ भर आयी है,
आज फिर तेरी याद चली आए है .
दिल ने कहा ताजा कर लें वो सारे गम,
आज फिर हमने जख्मों की किताब उठाई है.
लबों ने चाहा कर लें खामोशी से बातें हम,
आज फिर हमने अप्पने तबीयत बेहलाई है.
नज़र मचल गई है एक दीदार को तेरे,
आज फिर तेरी [...]

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“ऐतबार”

“ऐतबार”

वो पूछते हैं मुझसे किस हद तक प्यार है,
मैंने कहा जहाँ तक ये अनंत नीला आकाश है,

वो पूछते हैं किसका तुम्हारे दिल पे इख्तियार है ,
मैंने कहा जिसका दर्द मेरे दिल मे शुमार है

वो पूछते हैं किस तोहफे का तुमको इन्तजार है ,
मैंने कहा उसका तसुब्ब्र्र जिसके लिए दिल बेकरार है

वो पूछते है [...]

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 क्या दूँ

मुझे फुरसत कहाँ तेरे खयाल से, जो तुझे मैं सब्रो-करार दूँ
मेरी ज़िन्दगी वीरान है, तुझे कौन सी शाम उधार दूँ
मेरा आशियाना सब उजड़ गया, तुमसे ज़ुदाई के गम में
मेरा रूप-रंग सब उड़ गया, तुझे कौन सा अब मैं सिंगार दूँ

तुझे क्या सुनाऊँ मैं दिलरुबा, तेरे हाल से मैं बेहाल हूँ
मेरा दामन भी तार-तार [...]

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 ”बिजली” 

खो ना  दूँ  तुझको  इस  डर से  तुझे कभी मैं पा न सका ,
चाहता  रहा  शीद्त्त  से   मगर  तुझे  कभी  जता  ना  सका.

वीरान   आँखों  के  समुंदर  मे अपने  आंसुओं  को  पीता रहा ,
दिल  के  दर्द  की  एक  झलक  भी मगर  तुझे  दिखा ना    सका .

तेरा  ख्याल  बन  कर  बिजली और एक तूफान मुझे  सताता रहा ,
इश्क  मे  जलने  का  [...]

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